खिलवाड़ : यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता कोमोलिका बारी को 10 लाख की जगह 25 हज़ार, कोच को 50 हज़ार
sportsjharkhand.com टीम रांची
2020-03-27


मृत प्रशिक्षक को ड्यूटी करने का ऑर्डर देने और इस्तीफा दे चुके प्रशिक्षकों से डे-टू-डे रिपोर्ट मांगने के बाद खेल निदेशालय ने एक और शगूफा छोड़ा है। शुक्रवार को छात्रवृति व कैश अवॉर्ड की जो सूची जारी की है उसमें यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतनेवाली तीरंदाज़ कोमलीका बारी को 10 लाख रुपये की जगह मात्र 25 हज़ार रूपये देने की तैयारी की गई है। जबकि सरकार के संकल्प के हिसाब से यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता को 10 लाख रुपये मिलना चाहिए। कोमोलिका को 25 हज़ार का लॉलीपॉप थमाने की तैयारी में जुटे अधिकारियों ने कोमोलिका कि उपलब्धियों के लिए उनके कोच अनिल कुमार को 50 हज़ार हज़ार रुपये देने की अनुशंसा की है। एक ही पदक के लिए खिलाड़ी व कोच को कैश अवार्ड देने में ये दोहरा मापदंड क्यों ? यही नहीं सैफ खेलों में वॉलीबॉल भारतीय टीम के प्रशिक्षक को यह कहकर कैश अवॉर्ड नहीं दिया गया कि टीम में झारखंड का कोई खिलाड़ी शामिल नहीं था ?

इस तरह के फैसलों से  खिलाड़ियों-प्रशिक्षकों का मनोबल  बढ़ेगा या घटेगा ? ये आसानी से समझा जा सकता है। निदेशालय के वेबसाइट व व्हाट्सएप्प ग्रुप पर खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों को प्रोत्साहन के लिए दिए जानेवाले कैश अवॉर्ड व छात्रवृति की लिस्ट प्रकाशित होते ही वाद-विवाद का नया दौर शुरू हो गया। निदेशालय व विवादों का चोली-दामन का साथ लगभग दो दशक पुराना है।





साहेब के इशारे पर दो अयोग्य एथलीटों को मिली छात्रवृति 


59वें राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में झारखंड एथलेटिक्स टीम का प्रतिनिधित्व करने के फ़र्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर दो एथलीटों को 36-36 हज़ार रुपये का गिफ्ट हैंपर छात्रवृति के रूप में दिया गया है। दस्तावेज बताते हैं कि दोनों एथलीटों ने 27 से 30 अगस्त तक हुए 59वी राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का सर्टिफिकेट जमा किया है जबकि सच्चाई ये है कि 10 से 13 अक्टूबर 2019 तक  रांची में 59वी राष्ट्रीय ओपन नेशनल चैंपियनशिप प्रतियोगिता हुई थी। जिसमें दोनों एथलीट टीम का हिस्सा नहीं थे। दोनों एथलीटों को गिफ्ट हैंपर खेल निदेशालय में कार्यरत एक साहेब के इशारे पर दिया गया है। साहेब के इशारे पर इन्हीं दो एथलीटों ने पिछली बार भी फ़र्ज़ी दस्तावेज के आधार पर छात्रवृति ली थी। जिसका भारी विरोध हुआ लेकिन साहेब ने रांची के राजपथ स्थित एक दुकान से अपने घर के लिए पर्दे की एवज में पूरा मामला रफा-दफा कर दिया।




ताईक्वांडो में कांस्य पदक विजेता को कैश अवॉर्ड, रजत पदक विजेता को ठेंगा


ताईक्वांडो में कैश अवॉर्ड में भी घाल-मेल दिख रहा है। SGFI प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतनेवाले एक खिलाड़ी को कैश अवॉर्ड दे दिया गया लेकिन उसी प्रतियोगिता में रजत पदक जीतनेवाले खिलाड़ी को कैश अवॉर्ड नहीं दिया गया। जबकि दोनों ही खिलाड़ी को उनकी उपलब्धियों के लिए छात्रवृति दी गई है।





IOA के नाम पर कराटे को ना, सिलंबम को हां


खेल निदेशालय एक आंख में सूरमा व एक आंख में काजल लगाने के लिए कुख्यात रहा है। जो लिस्ट जारी की गई है उसमें कराटे के खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों का आवेदन इस आधार पर खारिज़ कर दिया गया कि उनके खेल को IOA मान्यता नहीं देता है। वहीं IOA से गैर मान्यता प्राप्त खेल सिलंबम के खिलाड़ियों का नाम कैश अवॉर्ड/छात्रवृति की सूची में है। एक आंख में सूरमा व एक आंख में काजल लगाने के कारण ही विभाग के एक निदेशक विभागीय कार्रवाई का सामना कर रहे हैं व ACB द्वारा चार्जशीटेड हैं। दो पूर्व निदेशक जांच एजेंसियों के राडार पर हैं। 




सरकार से छात्रवृति पानेवाले खिलाड़ियों को दोबारा दी गई छात्रवृति


नियमों से परे जाकर लगभग एक दर्जन खिलाड़ियों को छात्रवृति दी गई है। विभाग द्वारा जारी संकल्प के अनुसार वही खिलाड़ी छात्रवृति के पात्र हैं जो कहीं अन्यत्र से राज्य सरकार द्वारा छात्रवृति नहीं ले रहे हों। लेकिन JSSPS व SAI जैसे संस्थानों में नियमित छात्रवृति प्राप्त कर रहे खिलाड़ियों को भी छात्रवृति देने की अनुशंसा की गई है जो कई अन्य खिलाड़ियों की हकमारी है। ऐसा लगता है कि चेहरा देख-देख कर छात्रवृति दी गई हो।




निदेशालय ने लिस्ट जारी करने में बरती है पारदर्शिता


ये संभवतः पहली बार हुआ है कि विभाग ने पूर्णतः पारदर्शिता बरतते हुए स्वीकृत व अस्वीकृत आवेदनों की पूरी सूची एक साथ जारी की है। निदेशालय को इस पारदर्शिता के लिए बधाई लेकिन बड़ी मात्रा में कमियां-खामियां निदेशालय के इस नेक पहल को लील गई हैं। 




नोट : sportsjharkhand.com ने एक खिलाड़ी को छोड़कर किसी भी खिलाड़ी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। संभव है कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़े। निदेशालय/विभाग के अधिकारियों अगर चाहें तो पूर्णतः निजता बरतने की शर्त पर सूची उपलब्ध करा दी जाएगी।