कुएं (नियुक्ति प्रक्रिया) में भांग घुली है और JPSC एक लोटा पानी (बोर्ड सदस्य) निकालकर कुएं के पानी को शुद्ध बताने पर अड़ा 
sportsjharkhand.com टीम रांची
2020-02-04


 राज्य निर्माण के बाद से ही मेधा घोटाले के लिए कुख्यात झारखंड राज्य लोकसेवा आयोग (JPSC) में एक और घोटाले की बू आ रही है। 24 जिला खेल पदाधिकारियों (DSO) की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। सोमवार को sportsjharkhand.com ने JPSC के वरीय अधिकारियों को DSO नियुक्ति के दौरान बरती जा रही अनियमितताओं की शिकायत मेल के जरिये की थी। इस मेल में JPSC द्वारा साक्षात्कार के लिए बनाए गए बोर्ड के संदर्भ में एक अति गोपनीय जानकारी भी साझा की गई थी। JPSC के चेयरमैन को आगाह किया गया था कार्यालय के कुछ वरीय अधिकारी-कर्मचारी नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी परीक्षार्थियों व उनके सगे-संबंधियों-दोस्तों को दे रहे हैं। इसकी तस्दीक अधिकारियों-कर्मचारियों के फोन डिटेल्स से की जा सकती है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मेल मिलने के बाद JPSC में सोमवार को दोपहर बाद एक उच्चस्तरीय बैठक हुई और मेल में उठाये गए सवालों पर चर्चा हुई।चर्चा के बाद साक्षात्कार बोर्ड के एक सदस्य को बोर्ड से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। फोन पर उक्त सदस्य को इसकी आधी-अधूरी जानकारी दी गई और बताया गया कि अपरिहार्य कारणों से नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित की गई है, आगे आपको सूचना दी जाएगी। 




 DSO नियुक्ति में साक्षात्कार बोर्ड के सदस्य को हटा पाप ढंकने में जुटा JPSC 


 मामले की शिकायत मिलने के बाद JPSC ने साक्षात्कार बोर्ड से एक सदस्य को हटाकर ये तो स्वीकार कर लिया है कि इस नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ियां बरती जा रहीं थीं। लेकिन ये कार्रवाई पूरी प्रक्रिया को संदेह के घेरे से बाहर निकालने को काफी नहीं है। sportsjharkhand.com के पास इस बात की पुख्ता जानकारी है कि 16 नवंबर को हुई लिखित परीक्षा के पहले से ही JPSC के कई वरीय अधिकारी-कर्मचारी कई परीक्षार्थियों के लगातार संपर्क में थे। मोबाइल पर लगातार संपर्क होता रहा। ये बताने की ज़रूरत नहीं कि JPSC के अधिकारी-कर्मचारी इतनी दरियादिली क्यों दिखा रहे थे। 


 

DSO नियुक्ति में इतनी जल्दबाज़ी क्यों ? 


 DSO नियुक्ति प्रक्रिया में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद अचानक तेज़ी आ गयी। 17 मई 2017 को JPSC ने वेकैंसी निकाली, 7 जून तक आवेदन आमंत्रित किये गए। ढाई साल बाद विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद 17 नवंबर को लिखित परीक्षा ली गई। 16 दिसंबर को लिखित परीक्षा का परिणाम भी जारी कर दिया गया। अब बुधवार को साक्षात्कार भी होने जा रहा है। sportsjharkhand.com को पुख्ता जानकारी मिली है कि 29 फरवरी से पहले JPSC सफल अभ्यर्थियों की सूची भी सौंप देगा। 6ठी JPSC परीक्षा 4 साल से भी ज्यादा वक्त में कराने में नाकामयाब JPSC इस मामले में इतनी जल्दबाज़ी क्यों कर रही है ? समझना ज्यादा कठिन नहीं है। 




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