Sports Jharkhand
नामकैप्टन (मानद) सिल्वानुस डुंगडुंग
निक नेमआयरन गेट आॅफ इंडिया
जन्म27-01-1947
जन्म स्थानकोनजोबा ठेसुटोली, केरसई, सिमडेगा
लिंगMale
पितामार्कुस डुंगडुंग
मातामोनिका डुंगडुंग
पत्नीजोर्ज़ीना कुल्लू
संतानदो पुत्र, एक पुत्री
पेशासेना : 1965-1988, हाॅकी प्रशिक्षक, झारखंड 2004 से 13, साझा में स्पोर्ट्स को- ऑर्डिनटोर झारखण्ड
प्लेइंग पोजिशनडिफेंडर
टीमसेना, बिहार, भारत
अकादमीNIS पटियाला
कोचबालकिशन सिंह, शर्मा
खेल उपलब्धियां1978 बैंकाक एशियाड रजत 1980 माॅस्को ओलंपिक स्वर्ण
विदेश दौरापाकिस्तान, रूस, इंग्लैंड, हाॅलैंड, मलेशिया, अर्जेंटिना, थाईलैंड
अंतरराष्ट्रीय कैरियर1977-1980
पुरस्कार1981 सेना का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी 2015 ध्यानचंद पुरस्कार
नेतृत्वसेना टीम के कप्तान
खेल प्रशासनहॉकी संघ में पदाधिकारी
शिक्षामैट्रिक
हाॅकी में भारत के आखिरी स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य सिल्वानुस डुंगडुंग का अंतरराष्ट्रीय कैरियर लगभग चार साल का रहा। इसी अल्पकाल में सिल्वानुस ने शानदार प्रदर्शन की बदौलत आयरन गेट का तमगा हासिल किया। स्वर्ण पदक जीतने की खुशी में तत्कालीन बिहार सरकार ने उन्हें हरमू हाउसिंग काॅलोनी में पुरस्कार स्वरूप एक मकान दिया था। राज्य सरकार ने 2004 में सिल्वानुस डुंगडुंग को हाॅकी के भविष्य को तलाशने और तराशने की जिम्मेवारी दी जिसे वे अभी भी निभा रहे हैं। उनकी शिष्या निक्की प्रधान ने 2016 के ओलंपिक टीम में जगह भी बनाई।