JSSPS की एथलिट आशा किरण बारला ओवरएज पाई गई, 2 साल के लिए बैन का खतरा
sportsjharkhand.com टीम रांची
2019-11-14

 JSSPS के मिशन ओलंपिक गोल्ड के सपने पर भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन (AFI) के मेडिकल बोर्ड ने तुषारापात कर दिया है। JSSPS की आशा किरण बारला ओवर एज की दोषी पाई गई है। इस कारण कम से कम दो साल के बैन का खतरा मंडरा रहा है। आशा के पास अपील का अधिकार है लेकिन इसका अंतिम फैसला मेडिकल बोर्ड ही करेगा। आशा किरण बारला के अलावा हजारीबाग के मुकेश कुमार और गुमला के आशीष कुमार भी ओवरएज के दोषी पाए गए हैं। सभी एथलीटों को कम से कम दो साल का बैन झेलना पड़ सकता है। पता हो कि 2 से 6 नवंबर 2019 तक विजयवाड़ा में सम्पन्न राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता के दौरान कुल 155 एथलीटों का मेडिकल हुआ था जिसमें 98 एथलिट ओवर एज पाए गए हैं। इसके अलावा प्रोटेस्ट होनेपर 100 एथलीटों ने स्वीकार किया कि वो ओवर एज हैं और उन्होंने भाग नहीं लिया। 



एक मौका है एथलीटों के पास 


AFI के सूत्र बताते हैं कि सभी एथलीटों के पास अपील करने का एक मौका है। अगर खिलाड़ियों का पहले सरकारी/मान्यता प्राप्त गैर सरकारी अस्पतालों में उम्र संबंधी जांच हुई हो तो उस आधार पर आवेदन दिया जा सकता है। उस आवेदन पर विचारोपरांत अंतिम फैसला लिया जाएगा। 



आशा की बड़ी बहन को भी अंडर एज बता ओवर एज कराने की रची गई थी


 साज़िशलगभग डेढ़ साल पहले आशा किरण बारला की बड़ी बहन फ्लोरेंस बारला को भी अंडर एज बता ओवर एज कराने की साज़िश रची गई थी। आधार कार्ड और मैट्रिक के सर्टिफिकेट में 2 साल का अंतर बनाया गया था। JSSPS में कार्यरत एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय महिला एथलिट ने इस निमित्त शपथ पत्र भी बनवा लिया था। sportsjharkhand.com के हस्तक्षेप के बाद इस साजिश मूर्त रूप नही दिया जा सका था। वरना आशा की बड़ी बहन भी AFI की कार्रवाई झेल रही होती। 

 


60 लाख रुपये खर्च कर बच्चों का हुआ था मेडिकल


आशा वेलनेस नामक कंपनी से 2017-18 सत्र में JSSPS के लगभग 200 बच्चों का मेडिकल चेकअप कराया गया था। इसके अलावा सालाना मेडिकल के नाम पर लाखों रुपये खर्च किये जा रहे हैं। इतने रुपये खर्च करने के बावजूद JSSPS के बच्चे ओवर एज हो जा रहे हैं ? JSSPS में भ्रष्टाचार का एक और नमूना ! 



 खेत खाए गदहा... मार खाए जोल्हा 


 ये कहावत झारखंड एथलेटिक्स संघ के सचिव सिंह पर फ़ीट बैठती है। AFI ने फैसला लिया था कि जिस राज्य से 2 या 2 से ज्यादा एथलिट ओवर एज पाए जाएंगे वहाँ के सचिव 3 माह के लिए स्वतः निलंबित हो जाएंगे। इस मामले में CD सिंह का निलंबन भी तय है।


CCL के CMD की भी बेचैनी बढ़ी


आशा के बैन होने की खबर CCL के CMD तक भी पहुंच गई है। CMD ने JSSPS के कर्ता-धर्ताओं से मामले के निपटारे के निमित्त फोन पर गहन विचार-विमर्श किया। CSR की बैठकों में लंबे-लंबे शब्दों को फेंक हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी से पुरस्कार बटोरने के एक पखवाड़े के अंदर ये कलंक। CCL की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।