JSCA की AGM 31 अक्टूबर, गुरुवार की शाम 5.30 बजे, धौनी को आजीवन सदस्य बनाये जाने पर लगेगी मुहर, शुभलक्ष्मी को करना होगा इंतज़ार
sportsjharkhand.com टीम रांची
2019-10-21

झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCS) की वार्षिक आम सभा (AGM) आगामी 31 अक्टूबर, गुरुवार को द बंगाल क्लब, साकची जमशेदपुर में शाम 5.30 बजे आयोजित हो रही है। इसी बैठक में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को JSCA का आजीवन सदस्य बनाये जाने पर मुहर लगेगी। पता हो कि नई मैनेजमेंट कमिटी की पहली बैठक में ही धौनी को मानद सदस्य की बजाय आजीवन सदस्य बनाने का फैसला लिया गया था। इसके अलावा नवनिर्वाचित सचिव संजय सहाय के हस्ताक्षर से जारी पत्र के अनुसार AGM में 29 जुलाई 2018 के AGM व 23 सितंबर 2018 के SGM में लिए गए फैसलों पर मुहर भी लगनी है। इसके अलावा वार्षिक रिपोर्ट, अंकेक्षित वित्तीय रिपोर्ट, नए सत्र के लिए अंकेक्षक की नियुक्ति, मैनेजमेंट कमिटी द्वारा लिए गए निर्णयों की पुष्टि के अलावा अध्यक्ष के आदेश से उठाए गए विषयों पर चर्चा होनी है। काफी लंबे अंतराल के बाद JSCA अपने मुख्यालय जमशेदपुर में AGM का आयोजन करने जा रहा है।



धौनी को हां, शुभलक्ष्मी को ना !


JSCA और उसके फैसलों पर विवाद का साथ चोली-दामन सरीखा है। शाहबाज़ नदीम, वरुण एरोन, सौरभ तिवारी जैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को मत देने का अधिकार और महेंद्र सिंह धौनी को मानद सदस्यता के विवाद के बाद धौनी को भी मत देने का अधिकार देने का निर्णय लिया गया। लेकिन झारखंड निर्माण के बाद एकमात्र व पहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर शुभलक्ष्मी शर्मा को न तो JSCA ने मानद सदस्यता दी है ना ही मत देने लायक समझा है। एक महिला क्रिकेटर के साथ इस तरह के व्यवहार को सही नहीं ठहराया जा सकता। पता हो कि शुभलक्ष्मी शर्मा अभी रेलवे में कार्यरत हैं और उनकी पोस्टिंग बंगाल में है। JSCA से NOC लेकर शुभलक्ष्मी अभी बंगाल टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। शुभलक्ष्मी के अलावा कविता रॉय, शास्वती मुखर्जी समेत कई महिला अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी भी JSCA की किसी भी तरह की सदस्य नहीं हैं।



कुलदीप सिंह की अध्यक्षता वाली कमिटी का हिसाब-किताब डॉ नफ़ीस की अध्यक्षता वाली कमिटी करेगी पेश


JSCA के 84 साल के इतिहास में संभवतः ये पहली बार होगा कि पूर्ववर्ती कमिटी का हिसाब-किताब नई कमिटी करेगी। अप्रैल 2018 से लेकर मार्च 2019 तक का खर्च कुलदीप सिंह की अध्यक्षता वाली मैनेजमेंट कमिटी ने किया लेकिन हिसाब नई कमिटी पेश करेगी। पता हो कि COA के आदेश के आलोक में 22 सितंबर को बगैर AGM/SGM के ही JSCA का चुनाव कराना पड़ा, इसलिए कुलदीप सिंह की कमिटी को हिसाब-किताब देने का अवसर ही नहीं मिल पाया।



मनोज सिंह को निकाले जाने की भूमिका तैयार होगी AGM में


22 सितंबर 2019 को हुए JSCA के चुनाव के दौरान धौनी के वोटर ना होने का मुद्दा सोशल प्लेटफॉर्म पर उठाना JSCA के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज सिंह को महंगा पड़ सकता है। संभावना है कि AGM के दौरान उन्हें JSCA की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने का आग्रह कुछ सदस्यों द्वारा की जाए। मनोज सिंह और JSCA से जुड़ा एक मामला झारखंड उच्च न्यायालय में लंबित है, इसलिए अभी भूमिका ही बनाए जाने की संभावना है।