झारखंड में प्रतिभाशाली क्रिकेटरों की कमी नहीं : ग्लेन मैकग्राथ

2019-06-17

sportsjharkhand.com टीम

रांची


सर्वकालीन महान तेज़ गेंदबाजों से एक ग्लेन मैकग्राथ का मानना है कि झारखंड के तेज गेंदबाजों में वो क्षमता है जिसकी बदौलत वे विश्वपटल पर अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर सकते हैं। इसके लिए पारंपरिक तरीकों से इतर मेडिकल स्पोर्ट्स साइंस, आधुनिक तकनीकों का प्रयोग व सिर्फ थोड़े-बहुत सुधार की जरूरत है। MRF पेस फॉउंडेशन इसी दिशा में JSCA के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ये तो शुरुआत है, आनेवाले दिनों में इस तरह के कैम्प-वर्कशॉप का एक सिलसिला जारी रहना चाहिए। ये एक ऐसी प्रक्रिया है जो निरंतर चलनी चाहिए। मैकग्राथ नेट में अभ्यास देखकर झारखंड के तेज गेंदबाजों व बल्लेबाजों के प्रदर्शन से काफी प्रभावित नज़र आये और प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने झारखंड के खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की।

एक प्रश्न के जवाब में मैकग्राथ ने कहा कि भारत में तेज गेंदबाजों की नई पौध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने को बेताब है। अभी के दौर में जसप्रीत बुमराह को विश्व का सबसे बेहतर गेंदबाज बताते हुए मैकग्राथ ने कहा कि उसका एक्शन, स्पीड, लेंथ, कंपोजर बहुत अच्छा है। मैकग्राथ ने इंग्लैंड-भारत-ऑस्ट्रेलिया इस विश्वकप के सबसे बड़े दावेदार बताया। एक अन्य प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं इंग्लैंड में चल रहे विश्वकप  क्रिकेट से इतर भविष्य के खिलाड़ियों की नई पौध के साथ अपनी भूमिका को लेकर काफी प्रसन्न हूँ। कुछ काम ऐसे हैं जो मैं नहीं कर सकता। प्रेस वार्ता के दौरान JSCA के उपाध्यक्ष अजयनाथ शाहदेव, सचिव देवाशीष उर्फ पिंटू दा भी उपस्थित थे।



सभी तेज़ गेंदबाज MRF पेस फाउंडेशन नहीं आ सकते, इसलिए JSCA के बुलावे पर हम आए हैं : सेंथिल नाथन

MRF पेस फाउंडेशन से जुड़े सेंथिल नाथन ने कहा कि झारखंड व अन्य राज्यों के सभी प्रतिभाशाली गेंदबाज फाउंडेशन में नहीं आ सकते थे, इसलिए JSCA के बुलावे पर हम रांची आये हैं। आम तौर पर प्रत्येक राज्य से 3 गेंदबाजों को बुलाया जाता है, जिसमें से एक या दो का चयन होता है। ऐसे में बहुत से गेंदबाज छोटी-छोटी बारीकियों से अवगत नहीं हो पाते। इसी गैप को पाटने के लिए अब MRF पेस फाउंडेशन राज्य संघों के साथ मिलकर दो-तीन दर्जन गेंदबाजों को प्रशिक्षण दे रहा है। इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभाशाली तेज़ गेंदबाजों में से कुछेक गेंदबाजों को हम अपने फाउंडेशन में फुल टाइम इंट्री देंगे।



पहले दिन नेट्स, वीडियो एनालिसिस और टिप्स

दो दिवसीय बौलिंग क्लीनिक सह इंटरैक्टिव सेशन के पहले दिन सुबह के सत्र में तेज गेंदबाजों से नेट्स पर गेंदबाजी कराई गई और उसकी रेकॉर्डिंग की गई। इसके बाद दोपहर के सत्र में बारीकी से एक-एक गेंदबाज के रन अप, एक्शन, फॉलो थ्रू, स्पीड आदि देखा गया और उन्हें थोड़े-बहुत ज़रूरी टिप्स दिए गए। खिलाड़ियों व मैकग्राथ के बीच भाषाई दूरी को पाटने के लिए JSCA अकादमी के CEO चंचल दत्ता गुप्ता अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे हैं।