Sports Jharkhand
बर्तन मांजने वाले हाथ तराश रहे तीरंदाज (तारकेश्वर महतो - हिंदुस्तान )
2016-11-12  15:21:35

तारकेश्वर महतो

सिल्ली

मन में लगन और दृढ इच्छाशक्ति हो तो कोई काम मुशकिल नही हैं। मेहनत से सफलता कैसे मिलती हैं इस बात का मिशाल हैं सिल्ली की कलावती दुसरो के घर की जुठन मांजने वाली अनाथ कलावती तिरूपति में आयोजित आगामी 11 से 16 नवंबर तक होने वाले सब जुनियर नेशनल तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए भारतीय तीरंदाजो का नेतृत्व करेगी। इसके लिए उसे झारखंड तीरंदाज एसोसिऐसन ने उसे कोच के लिए चयन किया हैं। कलावती के संबध में कोच प्रकाश राम ने बताया की कलावती एक असाधरण लकड़ी हैं। किसी भी चीज को सिखने का जज्बा उसे रग रग में हैं। वह तीरंदाजी कैंप में अनुपस्थित नही रहती थी। कलावती कस्तुरबा विद्यालय में अपनी पढ़ाई कर रही हैं। जब वह एक सालकी थी तभी उस के शर से मां बाप का साया उठ गया था। इसे देखने के लिए कोई रिश्तेदार तक नही बचा। बचपन में पेट भरने के लिए सिल्ली के विभिन्न घरो में नौकरानी का कार्य करने लगी। इसी बीच उसकी पढ़ाई की इच्छा को देखते हुए स्थानीय लोग एवं प्रशासनिक अधिकारियो के प्रयास से उसका नामांकन कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कराया गया। उसके बाद कलावती ने कभी भी पिदे मुड़ कर नही देखा। उनके मेहनत के बदौलत व न सिर्फ पढ़ाई में बल्कि खेल कुद में भी अवल रही हैं। तीरंदाजी में उसकी जिज्ञासा को देखते हुए उसे बिरसा मुंडा तीरंदाजी केंद्र में शामिल किया गया। जहां छोटी सी उम्र में ही उसे बढ़ी सफलता हाथ लगी। वही नही इंडियन राउण्ड ट्रेडेशनल एंव जुनियर नेशनल प्रतियोगिता में भी अच्छा प्रर्दशन रहा। तत्काल कलावती अपनी प्रतिभा के दम पर सोनाहातु में स्थित आर्चरी ट्रेनिग सेंटर में खिलाड़ीयो का भविष्य तैयार कर रही हैं।