Sports Jharkhand
खेल प्रशासन तब और अब : ये कहाँ आ गए हम ! - 1
2019-06-08  18:00:17

sportsjharkhand.com टीम

रांची


कुछ ज़रूरी दस्तावेज ढूंढ रहा था वे तो नहीं मिले लेकिन कुछ और अनमोल पुराने दस्तावेज मिले हैं जो खेल प्रशासन के स्वर्णिम संस्कारों से परिचय कराते प्रतीत हो रहे हैं। आप सभी से प्रत्येक सप्ताहांत (शनिवार व रविवार) कुछ न कुछ साझा करूंगा।


ये दस्तावेज 21 जुलाई 2003 का है। जिसमें झारखंड महिला हॉकी संघ खेल पत्रकारों को 49 दिन पहले इत्तला दे रहा है कि हमारा AGM कब होगा और उसमें किन-किन लब्ध प्रतिष्ठित लोगों को शामिल होने का न्योता दिया जाएगा। कोषाध्यक्ष को तय तिथि से पहले आय-व्यय का ब्यौरा और अंकेक्षण कराने का सार्वजनिक निर्देश भी दिया जा रहा है। कौन सी प्रतियोगिता का ट्रायल कब होगा, अभ्यास कब से कहाँ पर होगा, टीम कब भेजी जाएगी, मैनेजर कौन होगा। सब कुछ है। सरकार व मीडियाकर्मियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद भी। (देखें तस्वीर)


16 साल बाद आज पत्रकारों को AGM होने के बाद व्हाट्सएप्प विज्ञप्ति से पता चलता है कि अमुक राज्य खेल संघ का AGM हो गया। व्हाट्सएप्प विज्ञप्ति में क्या होता है बताने की जरूरत नहीं लेकिन उपरोक्त में से कुछ भी नहीं होता, कुछ भी नहीं। झारखंड वॉलीबॉल संघ को छोड़कर। झारखंड वॉलीबॉल संघ एकमात्र संघ है जो AGM के लगभग तीन सप्ताह पहले बता देता है कि उसका AGM कब, कहाँ और कितने बजे है। यही नही पत्रकार वार्ता के दौरान एक बुकलेट दिया जाता है जिसमें पिछले वित्तीय वर्ष के आय-व्यय, आनेवाले सत्र में होनेवाली समस्त प्रतियोगिताएं कहाँ और कब से होंगी इसकी जानकारी भी शामिल होती है।


इन 16 सालों में हमने (पत्रकारों व खेल प्रशासकों) बहुत तरक्की कर ली है ! इस तरक्की पर थोड़ा सा आत्ममंथन तो किया ही जा सकता है। ध्यान रखिएगा ये पत्र उस वक़्त का है जब कम से कम 5 झारखंड की महिला खिलाड़ी भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व करती थी। कालांतर में हम शून्य/एक तक पहुंच गए थे, अब कुछ आशाएं जगी हैं, जो धनात्मक संकेत दे रही हैं।


...जारी रहेगा ये कहाँ आ गए हम !