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रांची में U 14 कांके व U 16 में मांडर की टीम चैंपियन, राजधानी में सिकुड़ते मैदानों से बाहर निकलने की बेताबी का संदेश तो नहीं ! 
2019-05-17  17:21:22

sportsjharkhand.com टीम

रांची


रांची जिला क्रिकेट संघ (RDCA) द्वारा आयोजित U 14 क्लब व U 16 स्कूल क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मैच शुक्रवार को खेला गया। U 14 में कांके के BAU क्लब ने विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया जबकि U 16 अंतर स्कूल क्रिकेट प्रतियोगिता में मांडर की ऑक्सब्रीज़ स्कूल विजेता बना। ख़ास बात ये है कि ऑक्सब्रीज़ स्कूल मांडर की टीम पहली बार किसी प्रतियोगिता में भाग ले रही थी। दोनों टीमों ने शहरी क्षेत्र की टीमों को प्रभावशाली ढंग से हराया। पिछले कुछ वर्षों से राजधानी के क्रिकेट में आमूलचूल परिवर्तन के संदेश प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मिलते रहे हैं लेकिन पिछले तीन दशकों से AC कमरों में बैठनेवाले RDCA के अध्यक्षों व सचिवों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।



क्या मायने हैं इस जीत के ?


राजधानी की क्रिकेट में ग्रामीण क्षेत्र की बढ़ती धमक का साफ संदेश है। शहर के सिकुड़ते मैदान से बाहर क्रिकेट को खुली आबोहवा में सांस लेने का मौका देने का वक़्त आ गया है। अभाव में पल बढ़ रहे ग्रामीण क्षेत्र के छुपेरुस्तमों को संवारने के लिए राजधानी के क्रिकेट को धुर्वा के मैदानों से बाहर ले जाने की ज़रूरत है। लगभग एक दशक पहले कांके के BAU में क्रिकेट मैच होने शुरू हुए तो परिणाम सबके सामने हैं, लेकिन अब क्रिकेट धुर्वा के मैदानों तक ही सिमट गया है। खेल पत्रकारों के आग्रह पर ग्रामीण क्षेत्र में बसे  टॉरियन व सफायर जैसे स्कूलों में क्रिकेट पहुंचा है लेकिन ग्रामीणों से दूरी बरकरार है। ओरमांझी, बुंडू, कांके और टाटीसिलवे की टीमें दशकों से अभिन्न हिस्सा रही हैं और समय-समय पर उन्होंने अपना लोहा भी मनवाया है।



ग्रामीण क्षेत्र के खिलाडियों की जगह बाहरी खिलाड़ियों की बल्ले-बल्ले !


RDCA के कर्णधार गुलाबी गांधीजी के साथ आनेवाले बाहरी खिलाड़ियों को तो हाथों-हाथ उठाने को तैयार बैठे हैं लेकिन ग्रामीण खिलाड़ियों से इतनी बेरुखी क्यों ? 55 साल में रांची का क्रिकेट रातू रोड से धुर्वा वाया मोरहाबादी तक का ही सफर कर पाया है। sportsjharkhand.com आशा करता है कि RDCA के नए कर्णधार राजधानी की क्रिकेट को 55 साल के शहरी मकड़जाल से बाहर निकालते हुए ग्रामीण क्षेत्र का रुख ज़रूर करेंगे। क्योंकि वहां  के क्रिकेटरों ने अपनी उपयोगिता परिणामों के ज़रिए सामने रख दी है। कानों पर जूं रेंगेगी ऐसा विश्वास है।