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अमिताभ चौधरी के नाम पर नार्थ पॅवेलियन का नामकरण करने से JSCA को हुआ 50 करोड़ का घाटा !
2019-02-11  22:01:59

sportsjharkhand.com टीम

रांची


पढ़ने और सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा होगा कि किसी जगह के नामकरण मात्र से किसी संस्था को 50 करोड़ रुपये का घाटा भी हो सकता है ? लेकिन यही सच है। रांची में JSCA (झारखंड राज्य क्रिकेट संघ) इंटरनेशनल स्टेडियम के नार्थ पवेलियन का नामकरण अमिताभ चौधरी के नाम पर करने से झारखंड राज्य क्रिकेट संघ को कम से कम 50 करोड रुपए का घाटा हुआ है ! यह हम नहीं बल्कि JSCA के दस्तावेज कह रहे हैं। 8 अप्रैल 2012 को जमशेदपुर के JSCA कांफ्रेंस हॉल में अमिताभ चौधरी की अध्यक्षता में कमेटी ऑफ मैंनेजमेंट ने नार्थ पवेलियन के नामकरण की कीमत 25 से 30 करोड़ रुपये की थी (देखें तस्वीर)। अमिताभ चौधरी के अलावा उस बैठक में 18 सदस्य भी मौजूद थे। जिस प्रोडक्ट की कीमत 2012 में 25-30 करोड़ हो उसकी कीमत 2018-19 में बाज़ार के हिसाब से कम से कम 50 करोड़ रुपये तो बनती ही है। अब इसे आश्चर्य ही कहा जाए कि जिस नामकरण की कीमत अमिताभ चौधरी की अध्यक्षता में 25-30 करोड़ रुपये रखी गई थी और वो नामकरण 2018 में कमेटी ऑफ मैनेजमेंट/AGM ने फ्री में करने का फैसला ले लिया। वो भी उसी अमिताभ चौधरी के नाम पर, जिनकी अध्यक्षता में रेट तय किये गए थे। फरवरी 2019 में इस फैसले को अमलीजामा भी पहना दिया गया। 


धौनी की आड़ में लिया फैसला

नार्थ व साउथ पवेलियन का नामकरण करने के पीछे की रणनीति को समझना काफी आसान है। स्टार क्रिकेटर महेंद्र सिंह धौनी के नाम के साथ अमिताभ चौधरी का नाम जोड़ा गया कि अगर विरोध हो तो लोगों के बीच यह संदेश दिया जाए कि विरोधी खेल व खिलाड़ी विरोधी हैं। धौनी की आड़ में लिए गए इस फैसले के फलस्वरूप पूर्व व वर्तमान खिलाड़ियों में काफी रोष है और कुछ ने तो इसे खुलकर प्रकट भी किया है। यहां देखने वाली बात ये भी है कि इसी बैठक में नार्थ और साउथ पवेलियन की जो दर की गई थी वो ये साफ-साफ बता रही है कि नार्थ पवेलियन साउथ पवेलियन से ज्यादा महत्वपूर्ण है। और पवेलियन के नामकरण में JSCA के लिए कौन महत्वपूर्ण है ये अब किसी से छुपा नहीं है।


पूरे स्टेडियम के नामकरण की कीमत 75-101 करोड़ लगाई गई थी

इस मिनट्स ऑफ मीटिंग्स में एजेंडा नंबर दो में पूरे स्टेडियम के नामकरण की कीमत 75 से 101 करोड़ रुपये, साउथ पवेलियन की कीमत 20 से 25, ब्लॉक A और D की कीमत 15 करोड़ तथा ब्लॉक B और C की कीमत 10 करोड़ रुपये रखी/आंकी गई थी। इसके अलावा स्टेडियम के विभिन्न भागों में फैले कॉरपोरेट बक्सों की भी कई दर तय की गई थी।


JSCA में अब फोन उठाने की परंपरा खत्म हो गई है, इसलिए हमने JSCA का पक्ष नहीं लिया।