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राष्ट्रीय खेल (पुरस्कार) घोटाला - 2 : लॉन बॉल के 8 खिलाड़ियों समेत 17 पदक विजेताओं को 46.75 लाख का अतिरिक्त भुगतान
2019-02-10  21:49:21

sportsjharkhand.com टीम

रांची


सरकारी दस्तावेजों में दफन राष्ट्रीय खेल घोटाला से जुड़े एक और मामले से sportsjharkhand.com पर्दा उठाने जा रहा है। क्या आपको याद है कि 9 दिसंबर 2011 को मोरहाबादी स्टेडियम में पुरस्कार वितरण के बाद रांची के एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशन पर खिलाड़ियों के पीछे खेल संघ के पदाधिकारी टूट पड़े थे, कमीशनखोरी की रकम के लिए। खबर पढ़ते वक्त उस तस्वीर की तासीर को याद रखिये, मामला समझने में आसानी होगी। इस घपला-घोटाला में सरकार के खजाने से 46.75 लाख रुपये की अवैध निकासी नियमविरुद्ध की गई। ये मामला जुड़ा है, 34वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान झारखंड के लिए पदक जीतनेवाले खिलाड़ियों को दी गई पुरस्कार राशि के साथ। पता हो कि 12 से 26 फरवरी 2011 तक हुए राष्ट्रीय खेलों के दौरान झारखंड के लिए पदक जीतनेवाले खिलाड़ियों के लिए विशेष तौर पर पुरस्कृत करने की घोषणा CM अर्जुन मुंडा जी ने समापन समारोह के दौरान की थी। इसके बाद मंत्रिमंडल ने पदक जीतनेवाले खिलाड़ियों व उनके प्रशिक्षकों को पुरस्कृत करने को अपनी मंजूरी दे दी और  संकल्प भी जारी हो गया। संकल्प के प्रतिकूल जाकर विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने खेल संघों के पदाधिकारियों व NGOC से जुड़े पदाधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी खजाने को 46.75 लाख रुपये का नुकसान करा डाला। भाजपा क्रीड़ा प्रकोष्ठ  से जुड़े बोकारो के अनिल कुमार के पत्र के आलोक में 9 दिसंबर 2011 को पुरस्कार वितरण से ऐन पहले और बाद में सरकारी अधिकारियों ने प्रशिक्षकों को ज्यादा भुगतान का मामला संज्ञान में लिया। कई प्रशिक्षकों के भुगतान को रोका गया, कई को नोटिस भी जारी किया गया और अब मामला न्यायालय में जाता हुआ दिख रहा है। लेकिन खिलाड़ियों को हुआ ज्यादा भुगतान आज तक खेलप्रेमियों के सामने नहीं आया था। 



कैसी थी मोडस ऑपरेंडी ?


162 खिलाड़ियों के बीच 6.085 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि बंटनी थी। इसमे से लगभग 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बाहरी खिलाड़ियों को मिलनी थी। जिनसे पहले ही विभाग व खेल संघ के अधिकारियों-पदाधिकारियों ने अपनी-अपनी हिस्सेदारी तय कर ली गई और मंत्रिपरिषद के निर्णय को ही पलट सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया। कुछ खिलाड़ियों ने तय कमीशन की रकम नहीं दी तो उनका पीछा एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशन तक किया गया।



क्या कहता है संकल्प


22 जुलाई 2011 को कैबिनेट की बैठक से स्वीकृति के बाद कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग ने 25 जुलाई को संकल्प संख्या 2/खेल-कला-02/2009/416 जारी किया। संकल्प में प्रावधान किया गया कि

\'उपर्युक्त राशि एकल रूप से मान्य होगी तथा पदकों की संख्या से गुणक नहीं होगी\' (देखें तस्वीर)

साफ-साफ लिखे होने के बावजूद भी अधिकारियों ने खेल संघ के पदाधिकारियों के साथ मिलकर कमीशनखोरी के महज कुछ चिल्लरों के लिए सरकार को 46.75 लाख रुपये का चूना लगा दिया। इस कुकर्म के लिए जिम्मेवार एक अधिकारी तो अब इस दुनिया में नहीं रहे लेकिन एक अन्य अधिकारी अभी भी कार्यरत हैं। प्रशिक्षकों को गलत तरीके से ज्यादा राशि भुगतान के मामले ने विधि विभाग की सिफारिश के वाबजूद अभी तक उस अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू नहीं कि गई है।



खिलाड़ी जिन्हें नियमों के प्रतिकूल जाकर ज्यादा भुगतान किया गया 


1. सुनील बहादुर (लॉन बॉल) को 7 लाख की जगह 11,66,666 रुपये मिले

सरकार को चपत : 4,66,666 रुपये


2. कृष्णा खलखो (लॉन बॉल) को 3.5 लाख की जगह 5.75 लाख रुपये मिले

सरकार को चपत :  2.25 लाख रुपये


3. चंदन कुमार सिंह (लॉन बॉल) को 4,66,666 की जगह 8,16,666 रुपये मिले

सरकार को चपत : 3.5 लाख रुपये


4. दिनेश कुमार सिंह (लॉन बॉल) को 4,66,666 की जगह 8,16,666 रुपये मिले

सरकार को चपत : 3.5 लाख रुपये


5. फरज़ाना खान (लॉन बॉल) को 5. 25 लाख की जगह 6.75 लाख रुपये मिले

सरकार को चपत : 1.5 लाख रुपये


6. लवली चौबे (लॉन बॉल) को 5 लाख की जगह 8,33,333 रुपये मिले

सरकार को चपत : 3,33,333 रुपये


7. कविता कुमारी (लॉन बॉल) को 3,33,333 रुपये की जगह 4,83,333 रुपये मिले

सरकार को चपत : 1.5 लाख रुपये


8. रूपा रानी तिर्की (लॉन बॉल) को 3,33,333 रुपये की जगह 4,83,333 रुपये मिले

सरकार को चपत : 1.5 लाख रुपये


9. दीपिका कुमारी (तीरंदाजी) 5 लाख की जगह 8.5 लाख रुपए मिले 

सरकार को चपत : 3.5 लाख रुपये


10. सीमा वर्मा (तीरंदाजी) को 3.5 लाख की जगह 6.5 लाख रुपए मिले

सरकार को चपत : 3 लाख रुपये


11. कुमारी नमिता (तीरंदाजी) को 3.5 लाख की जगह 6.5 लाख रुपये मिले 

सरकार को चपत : 3 लाख रुपये


12. जयलक्ष्मी लगुरी (तीरंदाजी) को 5 लाख की जगह 6.5 लाख रुपये मिले

सरकार को चपत : 3 लाख रुपये


13. प्रसाद खैरनार (साइकिलिंग) को 5 लाख की जगह 6.5 लाख रुपये मिले

सरकार को चपत : 1.5 लाख रुपये


14. सोनिया के ए (एथलेटिक्स) को 3 लाख की जगह 4.5 लाख रुपये मिले

सरकार को चपत : 1.5 लाख रुपये


15. हेमजीत मैती को (डाइविंग) में 7 लाख की जगह 12 लाख रुपये मिले

सरकार को चपत : 5 लाख रुपये


16. सीमा कुमारी सिन्हा (कराटे) को 5 लाख की जगह 8 लाख रुपये मिले

सरकार को चपत : 3 लाख रुपये


17. मोदून मारिंग थांगसा (वुशू) को 5 लाख की जगह 8 लाख रुपये मिले

सरकार को चपत : 3 लाख रुपये


सरकार को कुल चपत : 46 लाख 74 हज़ार 999 रुपये