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मायावती के नक्शे कदम पर अमिताभ चौधरी ! JSCA नार्थ पवेलियन का नामकरण अमिताभ चौधरी के नाम पर
2019-02-08  18:52:15

sportsjharkhand.com टीम

रांची


किसी ने सच ही कहा है, सत्ता का नशा, अफीमची बना देता है ! इस कदर की हम की बात करनेवाले सिर्फ और सिर्फ मैं पर सिमट जाते है। खबर के साथ लगी तस्वीर इसी मैं को दर्शा रही है। ये अजीब विडंबना है कि तस्वीर उसी दिन सामने आई है, जिस दिन देश के सर्वोच्च न्यायालय ने मायावती जी को UP के मुख्यमंत्री रहते स्वयं व स्वयं की पार्टी के सिंबल की मूर्ति लगाने से जुड़े मामले में कड़ा फैसला सुनाता है। जनता के पैसे से अपनी मूर्ति और अपना नाम जीते जी स्थापित कराने का देश में फैशन चल पड़ा है और उसकी नई इबादत रांची के JSCA स्टेडियम के नार्थ पवेलियन के दीवारों पर उभर कर सामने आ गयी है। नार्थ पवेलियन अब अमिताभ चौधरी पवेलियन के नाम से जाना जाएगा। साउथ पवेलियन महेंद्र सिंह धौनी के नाम से जाना जाएगा लेकिन वहां की दीवारों पर नाम अभी तक छपा नहीं है। पता हो कि पूर्व में HEC विस्थापित मोर्चा ने स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के नाम पर और कुछ स्थानीय लोगों ने HEC के नाम पर स्टेडियम का नामकरण करने की मांग की थी, लेकिन सावन के अंधों को चारों ओर ........!



sportsjharkhand.com ने 4 अप्रैल 2018 को ही बताया था कि ऐसा होगा

आपके अपने वेब पोर्टल sportsjharkhand.com ने 4 अप्रैल 2018 को ही अपने पाठकों को बता दिया था कि नार्थ पवेलियन का नाम अमिताभ चौधरी के नाम पर करने की तैयारी की जा रही है। 29 जुलाई 2018 को लातेहार में हुई AGM में इसपर मुहर भी लगा दी गई। महेंद्र सिंह धौनी व अमिताभ चौधरी के नाम पर दोनों पवेलियन का नामकरण करने पर मुहर लगाई गई लेकिन किस पवेलियन पर किसका नाम होगा ये हमने 4 अप्रैल और 29 जुलाई को ही बता दिया था।



दोनों लिंक पर जाएं


http://sportsjharkhand.com/detailpanel.php?rcode=921


http://sportsjharkhand.com/detailpanel.php?rcode=1028



सत्ताच्युत होते ही बदलेगा फैसला !

JSCA की अंदरूनी राजनीति पर मजबूत पकड़ रखनेवाले लोगों का कहना है कि आनेवाले दिनों में जैसे ही JSCA की सत्ता बदलेगी, सत्त्ता के नशे में चूर शख्स का नाम भी बामियान सरीखा हो जाएगा। अभी चाटुकारों की टीम कठपुतली की तरह काम कर रही है। इसलिये अंत स्वाभाविक मान इतिहास में दर्ज होने की जल्दबाजी दिख रही है।



मुख्य पवेलियन (नार्थ पवेलियन) का नाम धौनी के नाम पर होना चाहिए था, क्योंकि माही ने रांची को नई पहचान दी है। एक के साथ एक फ्री के चक्कर में चौधरी जी भी आ गए और चाटुकारों की टीम ने आत्मसमर्पण के भाव से ओतप्रोत होते हुए सुर में सुर मिलाते हुए कह डाला, जहाँपनाह तोहफा कुबूल करें !


सुनील सिंह, पूर्व सचिव, रांची जिला क्रिकेट संघ